लतीफा😁😁(अंतिम भाग)

  Also read 1.लतीफा😁😁(Part –1) 2.लतीफा😁😁(Part –2) 3.लतीफा😁😁(Part –3) 4.लतीफा😁😁(Part –4)   न नौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी   🎶🎶पंछी बनूँ उड़ता फिरूँ मस्त गगन में              आज मैं आज़ाद हूँ दुनिया के चमन में।।🎼🎼ला ला ला…..बादलों🌧️🌧️ के बीच में मैं गुनगुनाते उड़ा🤷🙆 जा रहा था।  ठंडी-ठंडी छुअन मुझे सुखद🦚🕊️ एहसास दे रही थी कि तभी कुछ गीला– गीला […]

लतीफा😁😁(Part –4)

                   अंधेर नगरी,चौपट राजा               न्याय सभा का एक दृश्य……. एक बड़े– से कमरे में जगह-जगह पर कुर्सियां🪑🪑🪑🪑 बिछी हुई हैं। उन कुर्सियों के बीचो-बीच न्यायाधीश के लिए एक बड़ी सी कुर्सी लगी थी। साथ ही अपराधी🥴🥴 को खड़े होने के लिए भी स्थान नियत किया गया था।             (   तभी नेपथ्य में ध्वनि पूरे कमरे में गुंजायमान हो जाती […]

लतीफा😁😁(Part –3)

अंधा सिपाही कानी घोड़ी, विधि ने खूब मिलाई जोड़ी Also Read 1.लतीफा😁😁(Part –1) 2.लतीफा😁😁(Part –2) 🤯🤯सारा शहर गर्मी से परेशान त्राहि माम,त्राहि माम🔥🔥 करके उबल रहा था🌞🌞। आसपास कहीं भी पेड़ों की श्रृंखला दिख नहीं रही थी🌳🌴🌲🌴। मालूम होता है कि सभी ने इन ऊंची– ऊंची आसमान छूती मंजिलों🏰🏢🏬🏭 के लिए अपना बलिदान दे दिया होगा। ये🌞 सूरज दादा भी ना […]

लतीफा😁😁(Part –2)

                       अक्ल का दुश्मन🤪😜मंगूलाल अपने आप में ही एक अनोखी शख्सियत था🤠। सौ निठल्लों ने आत्महत्या की होगी,तब जाकर एक मंगूलाल जैसे आदमी ने जीवन में दर्शन दिया🤡। मां-बाप कहते–कहते थक गए कि बेटा कुछ काम कर ले। पर इन्होंने अपने कानों में जूं तक को रेंगने ना दिया। इनका एक ही सिद्धांत था–भगवान ने इस शरीर को बहुत तवज्जों […]

लतीफा😁😁(Part –1)

🪑खिड़की से सटी मेरी मेज़ और वहीं पास में बैठी मै कुर्सी पे, बार– बार हाथ कलम📝 को पकड़े कागज़ पे टिकाती,थोड़ी– सी लिखती,फिर बंडल बनाकर उस कागज़ को पास में ही पड़ी कूड़े की बाल्टी🗑️📃 में डाल देती। कुछ नया लिखने की कोशिश में दिमाग को समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या लिखूं🥴                      अपने पाठकों के मन को […]

भाग्य का खेल(Last Part)

1.भाग्य का खेल(Part–1) 2.भाग्य का खेल(Part–2) 3.भाग्य का खेल(Part–3) 4.भाग्य का खेल(Part–4) अब तक आपने पढ़ा…….                  राजवीर के सामने सारी कलियां धीरे-धीरे जुड़ने लगी थी। सालों पहले कॉलेज में दीया के साथ जो भी घटना घटी, उन सब का दोषी वह प्रोफ़ेसर था जिसने 3–3 हत्याएं की। अब बस उस दोषी को समाज के सामने लाना बाकी था। इसी बात […]

भाग्य का खेल(Part–4)

अब तक आपने पढ़ा––––———                  सुषमा द्वारा बिताए एक रात की उस कमरे की कहानी सुनकर राजवीर हैरान रह गया था। उसके बाद घटी सुषमा की शादी की घटना भी कम आश्चर्यचकित करने वाली नहीं थी। राजवीर के सामने कई सारे सवाल थे,जिनके समाधान के लिए वो रास्ते ढूंढने की कोशिश करने लगा। अब आगे………….. Also read 1.भाग्य का खेल(Part–1) 2.भाग्य […]

भाग्य का खेल(Part 3)

अब तक आपने पढ़ा––––                     उस रात राजवीर की मुलाकात सुषमा से अनायास ही हो जाती है।कॉलेज के दिनों में सुषमा और राजवीर एक दूसरे से प्यार करते थे और यह बात उनके साथ पढ़ने वाली जया को बिल्कुल पसंद नहीं थी। बस जया ने बदला लेने के उद्देश्य से सुषमा को एक भूतिया कमरे में रात भर के लिए बंद […]

भाग्य का खेल(Part–2)

गतांक से आगे………. सुषमा की शादी के बाद राजवीर बहुत मायूस रहने लगा था। पर जिंदगी तो यहीं पर खत्म नहीं होती है। अपने आप को व्यस्त रखने के लिए वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने लगा। घर के खर्चे चलाने भी जरूरी थे।पिताजी इस दुनिया में नहीं रहे। परिवार में मां और एक छोटी बहन थी।                          मां कहते– […]

भाग्य का खेल(Part–1)

रात के सन्नाटे को चीरते हुए सुषमा के कदम बदहवास से बढ़ते ही जा रहे थे। अभी बस कुछ दिन पहले ही तो उसकी शादी हुई थी और आज मेंहदी का रंग भी नहीं छूटा पर ससुराल से भागना पड़ गया उसे। बार-बार पीछे मुड़कर देखती, मानो कोई उसका पीछा कर रहा हो। चेहरे पर डर का साया फैला हुआ […]