घुंघरू

 तवायफों का वह मुहल्ला, जहां शरीफों के कदम रात के अंधेरों में चहलकदमी करने जरूर आते हैं।भले ही दिन के उजाले में यहां आने से कतराते हों पर दिन ढलते ही जाम से जाम टकराने लगते हैं। कई अट्टालिकाएं थीं, जहां दिनभर मुजरों का आयोजन होता रहता तथा पैरों में बंधी घुंघरुओं की आवाज चारों तरफ गूंजती रहती।तवायफों के नृत्य–संगीत […]

परछाईं

  खिड़की की ओट में थी खड़ी  तभी पीछे नज़र पड़ी  थी वो मेरी सहचरी   जो संग थी खड़ी   हां! तू है मेरी परछाई  जो हमेशा मेरे पास नज़र आई   कुछ सवालें मन में उठ रही हैं     क्यूं अपेक्षाओं की कतारें  औरतों के ही जीवन में लगी है  अपने वजूद को भूल हम   सामाजिक ताम झाम को समेटने में […]

ढाई अक्षर प्रेम के❤️❤️

  मां! मैं कॉलेज जा रही हूं, कहते हुए अक्षरा ने अपना दुपट्टा उठाया और किताब लेकर जैसे ही आगे बढ़ी, तभी पीछे से मां ने आवाज लगाई,अरे बेटा! थोड़ा तो सब्र कर ले, कॉलेज में आज तेरा पहला दिन है, थोड़ा दही- शक्कर खा ले।उफ़!ये मां ना हर समय शुभ- अशुभ की बातें करती रहती हैं। फिर भी उनकी […]

मौत है दूजा नाम जिंदगी का

10 दिन हो गए थे मुझे ICU में भर्ती हुए,पर मेरी तबियत दिनों– दिन बिगड़ती ही जा रही थी।शरीर का एक –एक हिस्सा मशीनों से जकड़ा हुआ था।उस वार्ड में सभी लोग जिंदगी और मौत से ही तो खेल रहे थे।मेरी आंखों के सामने तीन लोगों ने अपनी जिंदगी से पनाह मांगी।मौत का नजारा तो यहीं मिलता है।              उस दिन […]

अरण्यावरण 🌲🌳🌴🌵

 बचपन से ही प्रकृति के सानिध्य में रहा हूं।जंगलों के हरे –भरे पेड़ मुझे बड़े ही अच्छे लगते।पिता जी फॉरेस्ट इंस्पेक्टर थे।उनका तबादला हमेशा भारत के बड़े से बड़े और बीहड़ जंगलों में हुआ करता,जिसके कारण मुझे हमेशा इन पेड़ों का सानिध्य मिला करता था।सच कहूं तो पिता जी की तरह ही मेरे भी प्राण इन पेड़ों में बसा करते।  […]

Corona is back😁😁

संपर्क लाल बड़ा परेशान🤯 नजर आ रहा था। इस कोरोना ने तो नाक में दम कर रखा है। 1 साल से भी ज्यादा हो गए, पर जाने का नाम ही नहीं ले रहा है। शहर में एक बार फिर से लॉक डाउन लग गया। हां! कुछ रियायत दी गई है कि कुछ घंटे अपने भी होंगे। अब क्या करूं? घर […]

इंटरनेट की अंधी दुनिया(Side effects of Social Media)🖥️💻📲

 ट्रिन ट्रिन ट्रिन,📱 रात के 12:00 बज रहे थे, जैसे ही  शेफाली ने फोन की घंटी सुनी, ऊपर से नीचे तक कांप गई। पिछले 10 दिन से ये आवाज उसके कानों में शीशे की तरह चुभ रही थी।अपने मां– बाप की बात ना मानने का यही अंजाम होता है,ये पता चल गया था उसे। पता नहीं इस मुसीबत से कैसे छुटकारा […]

दिलों की दूरियांं🛕🕍🕌⛪

नदियाँ गहरी, नाव पुरानी,सुनाता हूं तुमको इक बच्चे की कहानी,जब जन्म लिया उसने,नहीं पता था कि कौन है वो,और सभी की तरह,उंगली पकड़ कर चलना सीखा,किसी भी इन्सान में,उसे दुश्मन नहीं दिखा,बचपन में किसी भी मैदान और मकान में खेल लिया करता था,ये घर ऐसा क्यूँ है, वो कस्बा ऐसा क्यूँ है,ये लोग ऐसे क्यूँ हैं, वो लोग ऐसे क्यूँ […]

गला–काट प्रतियोगिता🧐🧐

       सुबह के 10 बज रहे थे, पर शांताबाई का अभी तक कोई पता ठिकाना नही था। इतना तो कोई अपने प्रेयसी का भी इंतजार नहीं करता, जितना मैंने उसके इंतजार में पूरे घर में मैराथन कर लिया था। 🤔🤔कौन है ये शांताबाई, क्या वजूद है उसका हमारे घर में? तो भईया, बात ऐसी है कि शांताबाई हमारी […]

Happy Women’s Day

दुनिया की सभी महिलाओं को महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं🌸🌸🌸।पर कुछ अनकही बातें मन में चल रही हैं।क्या एक दिन औरतों को dedicate करके उन खबरों को कैसे ढंक सकते हैं,जब हर दिन औरतों के अस्मत बर्बाद होने की खबर अखबार की सुर्खियां बनती हैं।ये सही है कि सदियों से पैरों में लगी बेड़ियां टूटने लगी हैं।रोशनदान से आजादी की […]