CYBER BULLYING—————–अपराध का आधुनिक रूप

                             सदियों से अपराध करने के अलग -अलग माधयम ईज़ाद होते आये हैं| जब जैसा समय रहा ,अपराधियों ने अपराध को उसी माध्यम से अंजाम दिया |                        

                                                            यहाँ हम CYBER BULLYING की बात कर रहे हैं ,जिसका सामान्य -सा अर्थ है-गन्दी भाषा ,तस्वीरों या धमकियों से Internet पर तंग करना | इस अपराध में teen -eager की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है – —— अपराध करने और अपराध सहने में भी | social media ने अगर हमें नए -नए technology  से नवाज़ा है, तो इसके दुष्परिणाम भी हमारे सामने आये हैं | Internet पर ऐसा क्या नहीं है ,जो लोगों को आकर्षित न करे |
                                               कभी -कभी तो Cyber -Bullying से अपना self -confidence भी घट  जाता है ,जिसकी परिणीति suicide के रूप  में भी होती है | लोग डरे -सहमे ,क्रोध और Depression में चले जाते हैं |
                                                                   

                                                               2010 में United States में इसे एक high – profile case घोषित किया गया | कई देशों में तो इसपे कानून भी बन गए हैं | बात केवल धमकाने या गन्दी बातें फ़ैलाने तक ही सीमित नहीं रहती | ये बढ़कर Physical Harassment तक भी पहुँच जाती है |
                                                                                ऐसे कितने Cases Cyber Bullying के दर्ज हैं ,जो मानवता को शर्मसार करने के साथ -साथ आधुनिक Technology पे भी सवाल खड़ा करते हैं | इन सबसे ये भी पता चलता है कि हमारा समाज किस दिशा में आगे जा रहा है |

                                                       Internet Trolling और Cyber Stalking इसी के अंतर्गत आते हैं ये Email या Text messages के through लगातार Victims को Harass करते रहते हैं | इसमें सबसे बड़ी भूमिका Social -Sites की होती है | किसी को friend बनाना , उसपे भद्दे comment करना ,ये सब आम बात हो गयी है | Fake Id से सही और गलत आदमी का पता लगा पाना मुश्किल हो जाता है | ऐसे में क्या किया जाये ?Sex से जुड़े massage भेजते हैं या फिर ख़राब भाषा में धमकी | हो भी क्यों ना | आजकल लोग social sites पे अपना सारा personal information डालते हैं ,जो इस अपराध को और बढ़ावा दे रहा है|
                                                             Smartphones और mobile apps के आ जाने से cyber bullying  में और वृद्धि हुई है |
                                     2008 के अनुसार 93 % young people ,जिनकी उम्र 12 -17 वर्ष है ,online रहते हैं | Youth अपना ज्यादा से ज्यादा समय मीडिया के साथ बिताते हैं | इसमें email ,instant messaging ,social media ,online gaming आदि शामिल हैं |

                                                     
                                                                Internet का संसार इतना ज्यादा फैला हुआ है ,जिसमे cyber bullyings सबसे बड़े खतरों में से एक है | पिछले साल Facebook पर cyber bullying के दूसरे -दूसरे  रूप से one million से ज़्यादा बच्चे शिकार हुए हैं |

                                                                   आजकल तो ऐसे -ऐसे violent video games उपलब्ध हैं ,जो लोगों को हिंसा करने के लिए उकसाते हैं | हमेशा social sites पर व्यस्त रहने के कारण उनके स्वभाव में भी काफी अंतर आ जाता है |
                                       इस crime  को रोकने के लिए कई राज्यों में harassment laws बनाए गए हैं | ज़्यादातर Law Enforcement Agencies के पास ऐसे अपराध रोकने के लिए cyber crime unites है ,जो इस तरह के cases का क़ानूनी तरीके से निपटारा करते हैं |
                                                                          School में तो सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरुरत होती है ,क्यूंकि सबसे ज्यादा crime भी बच्चे ही करते हैं | Mobile ने हमे सुविधाएँ दी हैं तो इसका नकारात्मक पक्ष भी हमारे समक्ष रखा है | आजकल के बच्चे अपने परिवार के साथ समय न गुजारकर social media पे समय बिताते हैं | जितने दोस्त उनके निजी जीवन में नहीं होंगे ,उतने तो Facebook पे होंगे |
                                                          sexual harassment ने तो ऐसा पैर पसार लिया है ,जिसमे बच्चे -बूढ़े सभी शामिल हैं | इनकी नैतिकता ही गिर गयी है | Research के अनुसार पहले लड़के लड़कियों की अपेक्षा Negative Online Activity में अधिक रहते थे | पर आज बात यहाँ तक आ गयी है कि लडकियां लड़कों से भी आगे बढ़ गयी | वैसे Bully Male हो या Female, लक्ष्य तो एक ही है — Online Embarrass ,Harass और Threat करना |

                              वैसे इन सबके लिए हमारा माहौल भी कम जिम्मेदार नहीं है | आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में माँ -बाप को अपने बच्चों के साथ समय बिताने का समय नहीं है | बच्चों को mobile हाथ में दे दिया जाता है ,जिसे वो अपनी दुनिया समझने लगते हैं और उस दुनिया में वो सभी चीजें उन्हें मिल जाती है ,जो उन्हें चाहिए | हालाँकि उनका ज्ञान अधुरा और नासमझी भरा होता है जिसे वे समझ ही नहीं पाते कि वो किस दलदल में घुसते जा रहे हैं |

                                             ये चकाचौंध वाली दुनिया उन्हें shortcut में प्रसिद्धि दिला देती है | साथ में पैसा कमाने की चाहत भी | ऐसा नहीं है कि इस bullying में बड़े शामिल नहीं होते हैं | नाम पैसा तो सभी को चाहिए |
                                                                        जरुरत तो इस बात है कि इस High-tech दुनिया को हम सकारात्मक रूप में ले | इससे सीखे ना कि इसका गलत इस्तेमाल करें | माँ -बाप अपने घर का माहौल ऐसा रखें कि बच्चे और उनके बीच की दुरी घट जाए | उनके दोस्त बनें तथा साथ ही हमेशा बच्चों पर और उनकी आदतों पर नज़र बनाये रखें |
                                                             

                                                        

                                                           

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