हरिया,अरे ओ हरिया! क्या कर रहा है भाई? जैसे ही दीना की आवाज सुनी,हरिया झट से गमछा कंधे पे डाल कर मुंह साफ करते हुए बाहर निकला। उसे पता था कि दीना उसे क्यूं बुला रहा है। असल में रोपनी का समय नजदीक आ रहा था, बीज की व्यवस्था करनी थी, पास में पैसे नहीं थे इसलिए दोनों मिलकर रामधन […]