तवायफों का वह मुहल्ला, जहां शरीफों के कदम रात के अंधेरों में चहलकदमी करने जरूर आते हैं।भले ही दिन के उजाले में यहां आने से कतराते हों पर दिन ढलते ही जाम से जाम टकराने लगते हैं। कई अट्टालिकाएं थीं, जहां दिनभर मुजरों का आयोजन होता रहता तथा पैरों में बंधी घुंघरुओं की आवाज चारों तरफ गूंजती रहती।तवायफों के नृत्य–संगीत […]