Fufaji on🤚🤚

 एक थे हमारे fufaji जिनको संक्षेप में रिटायर्ड जीजाजी की पदवी से उद्घोषित किया जा सकता है। Black &white TV की तरह ही अकड़ भी पाई थी इन्होंने। जैसे टीवी के चैनल को बदलने के लिए इसके स्विच को घूमाना पड़ता है,ठीक वैसे ही इनकी प्रशंसा में पुल बांध दो,तब तो फूफाजी चने की झाड़ पे चढ़ जाते। फिर एकाएक […]

ज्वलंत प्रश्न

गुलामी से आजादी तक का सोपान जब करती हूं देश का ध्यान #आज हम स्वतंत्र हैं पर ये प्रश्न ज्वलंत है देश के वीरों ने जो सपना देखा जान की बाज़ी लगा जिसके महत्व को कर दिया है हमने अनदेखा अपने ही लोगों से देश हो रहा है आहत भ्रष्टाचार,खून खराबा,बलात्कार की लगी है जमघट #आज हम स्वतंत्र हैं पर […]

Inside Story(वो फल वाला)

गर्मी  की उमस भरे दिन में बालकनी के मुंडेर पे अपना हाथ रखकर पता नहीं रोजमर्रा की उलझनों में अपने आप को समेटे हुए जाने क्या सोच रही थी| चिल -चिलाती हुई धूप थोड़ी देर में ही आँखों को खटकने लगी | उस पर से लू की गर्म हवा चेहरे को झुलसा रही थी | चारों तरफ नज़र दौड़ाया तो […]