गोमती नदी के मुहाने पे एक नवयुवती विक्षिप्त– सी औंधे मुंह पड़ी हुई थी। जाको राखे साइयां मार सके ना कोई– इस बात को चरितार्थ करती गोमती माई की लहरों ने भंसाली गांव के इस तट पे युवती को लाकर पटक दिया था।                 सुबह का समय था, सूरज की निकलती मुखरित किरणें उसके मलिन होते चेहरे पे पड़ रही थी। पर […]