गहराइयां(Gahraiyaan)

अपने घर के सामने की बालकनी मेंएक युगल बूढ़े को देखा करती थीकब तक का है साथहर दिन यही सोचा करती थीहँस हंस कर आपस में बातें करनाकांपते हाथों से एक दूसरे के कपड़ों को यूं फैलानारास्ते की आवाजाही को देखकरआपस में यूं मुस्कुरानाउनके उम्र की सिलवटों को देखकरधड़कनें व्याकुल हो जाती थीपता नहीं ये साथ कब तक का होयही […]

दिलों की दूरियांं🛕🕍🕌⛪

नदियाँ गहरी, नाव पुरानी,सुनाता हूं तुमको इक बच्चे की कहानी,जब जन्म लिया उसने,नहीं पता था कि कौन है वो,और सभी की तरह,उंगली पकड़ कर चलना सीखा,किसी भी इन्सान में,उसे दुश्मन नहीं दिखा,बचपन में किसी भी मैदान और मकान में खेल लिया करता था,ये घर ऐसा क्यूँ है, वो कस्बा ऐसा क्यूँ है,ये लोग ऐसे क्यूँ हैं, वो लोग ऐसे क्यूँ […]

पोस्टकार्ड📋🖋️

साइकिल की घंटी बजीआंखें दरवाजे पे लगीखाकी वर्दी में जब दिखा पोस्टमैनअपनों की खबर मिलेगीदिल को मिलेगा चैनडाकिया आया, डाकिया आयाहाथों में पोस्टकार्ड थमायासुख दुख की खबरें होती थींलिखित अक्षरों में जज्बातों की नदियां बहती थींउस पीले- नीले कागज परछोटे – छोटे अक्षरों से कोना – कोना सजता थाफिर भी लिखना अधूरा ही रह जाता थाजाने कहां गए वो दिनजब […]

खुद की तलाश

अगर मगर और काश में हूं,मैं खुद अपनी तलाश में हूंदिन के उजालों को सहने की नही है ताकत,इसलिये मैं बुझते हुए दीये की प्रकाश में हूं खेलती है दुखों के साथ,ज़िन्दगी बड़ी शरारती है,सताती है, तड़पाती हैै, गिराती और उठाती है,नासमझ सा हो गया हूं मैं,अब ना किसी की अह्सास में हूं,अगर मगर और काश में ,मैं खुद अपनी […]

आईना और चेहरा

एक रोज सुबह जब मैं उठा,मेरा घमंड जैसे पल भर में टूटा,जब देखा मैने आईना,मेरी नजर फिर आईने की नजर से टकराई ना, कल रात जिस चेहरे को देखा था मैं,जिस चेहरे पर कभी घमंड करता था मैं,वो तो मुझे आईना में दिखा ही नही,बदला सा अन्जाना सा जैसे कभी मेरा था ही नहीं, अजनबी चेहरे को देखकर बिजली सी […]