रहस्यमयी लायब्रेरी(Mystery of Library)

 मुझे पुस्तकें पढ़ने का बड़ा शौक था,पर ये प्रेम कभी ऐसा भी भारी पड़ जाएगा, सोचा न था। मेरी जॉब ऐसी थी कि हमेशा स्थानांतरण की स्थिति बनी रहती। एक शहर से दूसरे शहर फिर दूसरे शहर से तीसरे शहर ,यही जिंदगी का फलसफा बन गया था। शादी तो हुई नहीं थी,अकेला ही घूमता रहता। मेरे परिवार में मेरी मां […]

मुक्ति –विमोचन(Untouchable feelings of Life)

 सदियों से औरतों पर बहुत से बंधन लादे गए हैं। कई तरह की अपेक्षाओं से गुजरती औरत आजादी के झरोखों से अपने अस्तित्व को आसमान में उड़ते देखने लगी है, पर कुछ जकड़न को आज भी कुछ औरतें अपने मन से निकाल नहीं पाई है, चाहे वह कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच क्यों न जाए। जरूरी नहीं है कि औरत […]

Blackboard(शिक्षा का प्रथम सोपान)

तीन लोगों ने मिलकर एक छोटे से स्कूल की स्थापना की थी।इन तीनों में से एक थे रवींद्र सर,जो घूम– घूम कर गांव वालों से अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए उनके घर तक चले गए।इस स्कूल का नाम था–सर्वयोदय विद्यालय।अपनी उम्र के 30वें बसंत से ये जिम्मेदारी उठाया। पढ़ाना इनके लिए पूजा से कम नहीं थी।एक स्याह ब्लैकबोर्ड […]

घुंघरू

 तवायफों का वह मुहल्ला, जहां शरीफों के कदम रात के अंधेरों में चहलकदमी करने जरूर आते हैं।भले ही दिन के उजाले में यहां आने से कतराते हों पर दिन ढलते ही जाम से जाम टकराने लगते हैं। कई अट्टालिकाएं थीं, जहां दिनभर मुजरों का आयोजन होता रहता तथा पैरों में बंधी घुंघरुओं की आवाज चारों तरफ गूंजती रहती।तवायफों के नृत्य–संगीत […]

ढाई अक्षर प्रेम के❤️❤️

  मां! मैं कॉलेज जा रही हूं, कहते हुए अक्षरा ने अपना दुपट्टा उठाया और किताब लेकर जैसे ही आगे बढ़ी, तभी पीछे से मां ने आवाज लगाई,अरे बेटा! थोड़ा तो सब्र कर ले, कॉलेज में आज तेरा पहला दिन है, थोड़ा दही- शक्कर खा ले।उफ़!ये मां ना हर समय शुभ- अशुभ की बातें करती रहती हैं। फिर भी उनकी […]

मौत है दूजा नाम जिंदगी का

10 दिन हो गए थे मुझे ICU में भर्ती हुए,पर मेरी तबियत दिनों– दिन बिगड़ती ही जा रही थी।शरीर का एक –एक हिस्सा मशीनों से जकड़ा हुआ था।उस वार्ड में सभी लोग जिंदगी और मौत से ही तो खेल रहे थे।मेरी आंखों के सामने तीन लोगों ने अपनी जिंदगी से पनाह मांगी।मौत का नजारा तो यहीं मिलता है।              उस दिन […]

अरण्यावरण 🌲🌳🌴🌵

 बचपन से ही प्रकृति के सानिध्य में रहा हूं।जंगलों के हरे –भरे पेड़ मुझे बड़े ही अच्छे लगते।पिता जी फॉरेस्ट इंस्पेक्टर थे।उनका तबादला हमेशा भारत के बड़े से बड़े और बीहड़ जंगलों में हुआ करता,जिसके कारण मुझे हमेशा इन पेड़ों का सानिध्य मिला करता था।सच कहूं तो पिता जी की तरह ही मेरे भी प्राण इन पेड़ों में बसा करते।  […]

इंटरनेट की अंधी दुनिया(Side effects of Social Media)🖥️💻📲

 ट्रिन ट्रिन ट्रिन,📱 रात के 12:00 बज रहे थे, जैसे ही  शेफाली ने फोन की घंटी सुनी, ऊपर से नीचे तक कांप गई। पिछले 10 दिन से ये आवाज उसके कानों में शीशे की तरह चुभ रही थी।अपने मां– बाप की बात ना मानने का यही अंजाम होता है,ये पता चल गया था उसे। पता नहीं इस मुसीबत से कैसे छुटकारा […]

Mithi Taan📸🎼🎤

 सुनैना कहां चढ़ रही हो,गिर जाओगी तो अभी हॉस्पिटल के चक्कर लगाने में पसीने छूट जाएंगे।ये रमेश की आवाज थी,जो पीछे से अपनी पत्नी को टेबल पर चढ़ते देखकर जोर से चिल्लाया। तेज आवाज़ से सुनैना सकपका गई और इस चक्कर में उसके पैर भी डग – मगा गए।आंखें तरेरते हुए उसने रमेश को बोला कि कब से कह रही […]

संघर्ष और व्यथा

 हरिया,अरे ओ हरिया! क्या कर रहा है भाई? जैसे ही दीना की आवाज सुनी,हरिया झट से गमछा कंधे पे डाल कर मुंह साफ करते हुए बाहर निकला। उसे पता था कि दीना उसे क्यूं बुला रहा है। असल में रोपनी का समय नजदीक आ रहा था, बीज की व्यवस्था करनी थी, पास में पैसे नहीं थे इसलिए दोनों मिलकर रामधन […]