कल्पनातीत(unthinkable life)

           गोमती नदी के मुहाने पे एक नवयुवती विक्षिप्त– सी औंधे मुंह पड़ी हुई थी। जाको राखे साइयां मार सके ना कोई– इस बात को चरितार्थ करती गोमती माई की लहरों ने भंसाली गांव के इस तट पे युवती को लाकर पटक दिया था।                 सुबह का समय था, सूरज की निकलती मुखरित किरणें उसके मलिन होते चेहरे पे पड़ रही थी। पर […]

स्थानांतरण(Transfer )

  मधुर स्मृतियां धूप– छांव सी पतझड़ में लगती वसंत बहार– सी  सालों से जिन यादों को जीती आई कभी हर्ष तो कभी विषाद की रेखा उभर आई किसी से गिले तो किसी से शिकवे कब किन परिस्थितियों में जिंदगी बन जाती है वनवेयादों की पोटली चितवन से झांकतीपुराने जगह की स्मृति या नए जगह की प्रतीतिअसमंजस में मन की भावनाओं का समुंदरक्या करूं,कैसे करूंशुरुआत चल रही […]

Happy Father’s Day(My words for my Father)

 तेरी उंगली पकड़कर  नन्हें पैरों से चलकर  जब दुनिया देखी  पिता की छांव में  अपने को महफूज पाया  खुद की इच्छा को मारकर  खून पसीना बहाकर  पिता ने मंजिल दिखलाया  ऊपर से सख्त पर अंदर से नर्म  पिता शब्द का है असली मर्म  जीवन की हर कठिनाइयों से   लड़ना सिखलाया  मुसीबतों से पहले  पिता का साया पहले पाया  अपने आंसुओं […]

परछाईं

  खिड़की की ओट में थी खड़ी  तभी पीछे नज़र पड़ी  थी वो मेरी सहचरी   जो संग थी खड़ी   हां! तू है मेरी परछाई  जो हमेशा मेरे पास नज़र आई   कुछ सवालें मन में उठ रही हैं     क्यूं अपेक्षाओं की कतारें  औरतों के ही जीवन में लगी है  अपने वजूद को भूल हम   सामाजिक ताम झाम को समेटने में […]

Corona is back😁😁

संपर्क लाल बड़ा परेशान🤯 नजर आ रहा था। इस कोरोना ने तो नाक में दम कर रखा है। 1 साल से भी ज्यादा हो गए, पर जाने का नाम ही नहीं ले रहा है। शहर में एक बार फिर से लॉक डाउन लग गया। हां! कुछ रियायत दी गई है कि कुछ घंटे अपने भी होंगे। अब क्या करूं? घर […]

गला–काट प्रतियोगिता🧐🧐

       सुबह के 10 बज रहे थे, पर शांताबाई का अभी तक कोई पता ठिकाना नही था। इतना तो कोई अपने प्रेयसी का भी इंतजार नहीं करता, जितना मैंने उसके इंतजार में पूरे घर में मैराथन कर लिया था। 🤔🤔कौन है ये शांताबाई, क्या वजूद है उसका हमारे घर में? तो भईया, बात ऐसी है कि शांताबाई हमारी […]

Happy Women’s Day

दुनिया की सभी महिलाओं को महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं🌸🌸🌸।पर कुछ अनकही बातें मन में चल रही हैं।क्या एक दिन औरतों को dedicate करके उन खबरों को कैसे ढंक सकते हैं,जब हर दिन औरतों के अस्मत बर्बाद होने की खबर अखबार की सुर्खियां बनती हैं।ये सही है कि सदियों से पैरों में लगी बेड़ियां टूटने लगी हैं।रोशनदान से आजादी की […]

एक प्रवासी की डायरी📒🖋️

सालों बीत गए देश को छोड़े हुए,पर वहां की आबो– हवा को आज तक सैम भूला नहीं। भारत की मिट्टी, उसमें से निकलती सोंधी खुशबू ,वहां की संस्कृति क्या – क्या नहीं आंखों के सामने घूम जाते हैं। विदेश में प्रवास करने वाले या किसी भी विषम परिस्थितियों के कारण अपने देश छोड़ने वाले एक NRI की कहानी ,उसी की […]

🇳🇪🇳🇪🇳🇪Happy Republic Day 🇳🇪🇳🇪🇳🇪

सबसे पहले मैं अपने सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई देती हूं। एक आम भारतीय का अपने राष्ट्र के नाम एक संदेश हर देश की निवासियों की आंखों में एक सपना जरूर तैरता है कि उसके देश में हमेशा अमन – चैन रहे।आज भारत अपना 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा है।पिछले साल कोरोना वायरस के कारण देश अस्त […]

देश की मिट्टी

 कर्नल समरजीत सिंह बड़े ही देशभक्त और अनुशासनप्रिय व्यक्ति थे। देश की मिट्टी की महक उनके रगों में खून की तरह बहती थी। और हो भी क्यों ना,दादा – परदादाओं के समय से ही फौज में जाने की इच्छा बलवती होती रही थी। उनके दादा जी भारत – पाकिस्तान की लड़ाई में शहीद हो गए थे। पिताजी भी लेफ्टिनेंट रहे। […]