मजहब और दोस्ती

                                                  आसिफ़ मियाँ की आँखों से बहती अविरल आंसू की धाराएं इस बात को चीख -चीख कर कह रही हैं कि कोई गहरी बात उनके दिल को साल रही थी | लाहौर में उनका अपना घर […]

कचरा बटोरता बचपन

                         शाम के धुंधलके में कबीर थका -माँदा घर आया | घर आकर देखा तो उसकी दादी अपने कंपकंपाते हाथों से रोटी सेंक रही थी | जैसे ही दादी की नज़र कबीर पर गई ,तुरंत उठकर अपने आँचल से कबीर के माथे पर आए पसीने को पोंछने लगी | […]

Festival Of Faith – ” Raksha-Bandhan”

  प्यारे मित्रों ,  आप सभी को मेरी तरफ से रक्षाबंधन की ढेर सारी शुभकामनाएं |                                    ये मेरा पहला ब्लॉग है , जो सभी भाइयों का अपनी बहनों और सभी बहनों का अपने भाइयों के लिए समर्पित है|  रक्षाबंधन ! जी हाँ ! एक ऐसा […]