हर रात की तरह आज रात भी मानवी नींद में बड़बड़ाती जा रही थी, चले जाओ यहां से, मेरे पास मत आओ,कहतेे– कहते अचानक से उठ बैठी। लंबी– लंबी सांस लेते हुए इधर– उधर देखने लगी। उसके चिल्लाने की आवाज़ सुनकर बगल वाले कमरे से उसकी मां दौड़ते हुए आई तो देखा कि मानवी ठंड के मौसम में भी पसीने […]