कफ़न

 कफ़न भी क्या चीज़ होती है ना जिसने बनाया,उसने बेचा।जिसने खरीदा उसने इस्तेमाल ही नहीं किया और जिसने इस्तेमाल किया ,उसे यह ज्ञात ही नहीं है।           ऊपर के ये चंद शब्द जीवन के यथार्थ का कितना सजीव चित्रण करते हैं ये मेरी कहानी में झांककर देखिए और किसी को कितना मजबूर और बेबस बनाते हैं […]

बदनाम औरत🧕🧕

एक औरत बदहवास – सी,चेहरे पे बिखरी लटें मलिन मुखमंडल लिए नजर आई है पता चला बदनाम मुहल्ले से एक बदनाम औरत सभ्य समाज में बदली बनकर छाई है सुनकर मन विचलित हुआ,तलाशने लगा इनकी बदनामी का सच क्या इन औरतों को ईश्वर ने विशेष प्रक्रिया से गठित किया है या यूं समझो कि हमारे सभ्य समाज ने ही इसे […]

जश्न – ए – आजादी🇳🇪🇳🇪🇳🇪🇳🇪

मेरे सारे पाठकों को आजादी की ढेर सारी शुभकामनाएं।एक नए विश्वास के साथ कि अपने देश को महान कहते हुए हमें यह सोचना ना पड़ें कि क्या वास्तव में यह सच है या पहले के भारत की गरिमा को अपनी आंखों में कैद करके आज के भारत का विश्लेषण कर रहे हैं।सवाल कई हैं अपने मन में ,जिसका जवाब ढूंढ़ने […]

बाबा जी की गोली

  देश में हलचल मची हुई थी।डॉक्टर साहब तो झल्ला रहे थे,पता नहीं दिन पहले की तरह कब बहुरेंगे।इस छोटे से वायरस ने तो नाक में दम कर दिया है।जिसको देखो वही एक – दूसरे से भाग रहा है।ऐसे अलगाव लोगों के बीच में कम हो रहे थे, जो इस कोरोना के प्रताप ने चहुं ओर फैला दिया है।हर कोई […]

नीम का पेड़🍃🍃🍃🍃

हिचकोले खाती हुई बस धूल उड़ाती हुई आगे बढ़ रही थी।गांव की शीतल ब्यार और प्रकृति के मनोरम दृश्यों को देखते – देखते सीमा को कब नींद आ गई, स्वयं उसे भी पता नहीं चला।वो तो भला हो कंडक्टर का,जिसने अपनी तीखी आवाज में उसके गांव का नाम पुकारा तो जैसे वह हड़बड़ाकर उठ गई।रही- सही कसर शीशे से छनकर […]

पहला सावन:अनहोनी की आशंकाओं के साथ

नीलिमा आज बहुत खुश लग रही थी। वैसे खुश होने वाली बात भी थी। तीन- चार महीने तो हुए ही थे शादी को। संजय और नीलिमा दोनों की अरेंजड मैरिज हुई थी, पर दोनों को देखकर लगता था कि कितने सालों से वे दोनों एक-दूसरे को जानते हैं।शादी के तुरंत बाद संजय नीलिमा को लेकर शहर चला गया था। पुलिस […]

कागज की नांव में भींगता बचपन

आज सुबह से ही सुगंधा अलसाई हुई थी। मौसम भी खराब था। लगातार होती बारिश के कारण आज उसका ऑफिस जाने का मन भी नहीं कर रहा था। उसकी छुट्टी को देखकर ही आदित्य ने भी छुट्टी कर ली। चलो बारिश के कारण ही सही ब्यस्त जिंदगी के कुछ पल तो साथ में नसीब हो ही गए दोनों को। वैसे […]

Nepotism

सुशांत सिंह की मौत के बाद देश में एक नई बहस छिड़ गई है।वैसे इस बहस का जो केंद्रबिंदु है,वो नया नहीं है।जी हां! मैं नेपोटिज्म की बात कर रही हूं,जो हमारे समाज में घुन की तरह घुसा हुआ है,जो शायद ही कभी निकल पाए।इससे पहले भी इसको लेकर जनता उपेक्षित होती रहती है।इक्का – दुक्का बार विरोध होते रहे […]

Screen के पीछे का सच👀👀

            जैसे ही मोबाइल पर बीप- बीप 📱📲 की आवाज हुई, आरव के हाथ तुरंत ही स्क्रीन की तरफ बढ़ गए। नए मैसेजेस को देखकर उसकी आंखें ऐसे चमकी, मानो उसे इस पल का इंतजार बेसब्री से था।                      आरव आगे की पढ़ाई के लिए शहर […]

पड़ोसियों की तांका – झांकी🤪🧐

हर दिन पत्नी के तानों को सुनने से अच्छा था कि चलों पार्क में थोड़ा दौड़ लगा ही लिया जाए। कम – से – कम गोल होते पेट का आकार तो कम हो ही जायेगा।ये जीभ भी ना स्वाद की गुलाम ही होती है।Healthy food इन्हें अच्छा ही नहीं लगता है। जूते पहने और शुरू हो गई मैराथन।वैसे अगर इन […]