Work from Home🤗🤗🤗🤗

  पूरे देश में कोरोना अपना परचम लहरा रहा था। तत्काल में इसका बस एक ही इलाज था –lockdown। सभी अपने– अपने घरों में कैद हो गए। भई!अपने आप को बचाना है तो social distancing का पालन तो करना ही पड़ेगा। देश के सारे काम ठप्प हो गए। स्कूल – कॉलेज, ऑफिस सब बंद हो गए। ऐसी समस्या हो और […]

मां अगर तू ना होती

Dedicated to All Mothers ……… मां अगर तू ना होती तो दुनिया में मुझे लाता कौन जीवन की पहली पाठशाला तुम,मेरी पहचान बनाता कौन स्पंदन की घड़ियां जो मेरे अंदर चल रही है तुम्हारे रक्त से ही मेरी सांसे बढ़ रही है मेरी ही नींद सोना,मेरी ही नींद जगना मेरी एक आवाज़ से झट से अपनी आंखें खोल देना मुझे […]

चाह

मुंह ढकना हमारी नहीं नियति अपनी अस्मत के लिए हमेशा लड़ती जन्म से पहले कोख दगा दे जाता है जन्म के बाद शरीर बुरी नज़रों से बच नहीं पाता है इज्जत तार – तार करने वाले बचकर निकल जाते हैं हम बस सुनी आंखों से इंसाफ की आस में रह जाते हैं जिस्म के साथ – साथ आत्मा भी कराह […]

बेबसी

  समाज में गुस्सा आज फिर चरम पर है,इस बात की ओर इशारा है कि कानून व्यवस्था से लोग संतुष्ट नहीं हैं।देश में बलात्कार के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं।लोगों को अपनी सोच और मानसिकता बदलनी ही होगी।साथ ही प्रशासन को भी चुस्त – दुरुस्त करने की जरूरत है।केंद्र और राज्य सरकारें दोनों मिलकर दोषियों को कड़ी से कड़ी […]

शोर

हर दिन ना जाने कितनी सारी आवाजें हमारे कानों में पड़ती हैं।जो हमारा दिल सुनना चाहता है ,वो कर्णप्रिय होती हैं मगर जो आवाजें हमारी जिंदगी को एक नए मोड़ पे खड़ी कर देती हैं,वो कब शोर में बदल जाती हैं ,पता ही नहीं चलता है।ध्यानचंद के साथ भी तो यही हो रहा है।आवाजों ने शोर का रूप अख्तियार किया […]

UNDER THE TABLE😁😂

 पंडित गिरधारी लाल बड़े ही मानसिक वेदना से गुजर रहे थे।अब आप सोच रहे होंगे कि मंत्रजाप से दूसरों के मानसिक संताप को दूर करने वाले खुद क्यों फंसे हुए हैं। अब भइया, ये तो किसी शास्त्र में नहीं लिखा हुआ है कि भगवान की पूजा करवाने वाले पर कभी आंच आएगी ही नहीं। क्या डॉक्टर कभी बीमार नहीं पड़ते […]

दो गज़ जमीन

 महल खड़ा करो या गुमान करो अपनी 100एकड़ जमीन पर पर इस दुनिया से रुखसत होगें बस दो गज जमीन पर सारी चमक – दमक फीकी पड़ जाती है जब कपड़ों के नाम पर बस कफ़न ही रह जाती है ख्वाहिशें इंसान की मिल्कियत होती है झूठ के पुलिंदो पर ही उसकी दुनिया बुनती है जानकर भी वह यथार्थ से […]

कफ़न

 कफ़न भी क्या चीज़ होती है ना जिसने बनाया,उसने बेचा।जिसने खरीदा उसने इस्तेमाल ही नहीं किया और जिसने इस्तेमाल किया ,उसे यह ज्ञात ही नहीं है।           ऊपर के ये चंद शब्द जीवन के यथार्थ का कितना सजीव चित्रण करते हैं ये मेरी कहानी में झांककर देखिए और किसी को कितना मजबूर और बेबस बनाते हैं […]

बदनाम औरत🧕🧕

एक औरत बदहवास – सी,चेहरे पे बिखरी लटें मलिन मुखमंडल लिए नजर आई है पता चला बदनाम मुहल्ले से एक बदनाम औरत सभ्य समाज में बदली बनकर छाई है सुनकर मन विचलित हुआ,तलाशने लगा इनकी बदनामी का सच क्या इन औरतों को ईश्वर ने विशेष प्रक्रिया से गठित किया है या यूं समझो कि हमारे सभ्य समाज ने ही इसे […]

जश्न – ए – आजादी🇳🇪🇳🇪🇳🇪🇳🇪

मेरे सारे पाठकों को आजादी की ढेर सारी शुभकामनाएं।एक नए विश्वास के साथ कि अपने देश को महान कहते हुए हमें यह सोचना ना पड़ें कि क्या वास्तव में यह सच है या पहले के भारत की गरिमा को अपनी आंखों में कैद करके आज के भारत का विश्लेषण कर रहे हैं।सवाल कई हैं अपने मन में ,जिसका जवाब ढूंढ़ने […]